Monday, February 22, 2016

How do making mobil fast

'गूगल प्लेस्टोर से एप डाउनलोड न होना। फोन में एप
क्रैश होना। इंटरनल मेमोरी कम होने की वजह से नई
चीजें सेव करने में दिक्कत पेश आना।' फोन पुराना
होने पर अक्सर यूजर को इस तरह की समस्याओं से दो-
चार होना पड़ता है। ज्यादातर मामलों में वे फोन
को ठीक कराने के लिए सर्विस सेंटर दौड़ते हैं।
हालांकि सेटिंग में मामूली बदलाव करके घर बैठे भी
इन समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। ऐसे
ही कुछ उपायों के बारे में बता रहे हैं हेमवती नंदन
राजौरा
1. प्लेस्टोर से एप डाउनलोड न होना
बिना 'क्लीनर' के लंबे समय तक फोन का इस्तेमाल
करने पर गूगल प्लेस्टोर में इतना कचरा जम जाता है
कि नए एप डाउनलोड ही नहीं होते। इस समस्या से
निजात पाने के लिए फोन को स्विच ऑफ कर
दोबारा ऑन करें। इसके बाद उसकी 'सेटिंग्स' में
जाएं। यहां देखें कि फोन में जो तारीख और समय
नजर आ रहा है, वह सही है या नहीं। अगर नहीं है तो
उसे ठीक करें। फिर 'सेटिंग्स' में लौटकर 'एप्स' या
'एप्लीकेशन मैनेजर' के विकल्प पर क्लिक करें। इससे गूगल
प्लेस्टोर का विकल्प दिखने लगेगा। उसके रास्ते
'क्लियर कैशे' के विकल्प पर जाएं और कैशे आइटम को
डिलीट कर दें। अगर गूगल प्लेस्टोर से एप डाउनलोड
करने में इसके बाद भी दिक्कत आए तो 'एप्लीकेशन
मैनेजर' के जरिए 'गूगल प्लेस्टोर' पर जाकर 'अनइंस्टॉल
अपडेट' के विकल्प पर क्लिक कर दें। इससे 'एप्लीकेशन
मैनेजर' प्लेस्टोर के 'फैक्ट्री वर्जन' पर जाने की
अनुमति मांगेगा। 'ओके' पर क्लिक कर उसे मंजूरी दे दें
और गूगल प्लेस्टोर खोलें। इंटरनेट कनेक्शन ऑन करने पर
प्लेस्टोर खुद अपडेट हो जाएगा। साथ ही उससे
एप्लीकेशन भी पहले की तरह डाउनलोड होने लगेंगे।
प्लेस्टोर एकमात्र जरिया नहीं
एंड्रॉयड फोन में एप्लीकेशन डाउनलोड करने का
एकमात्र जरिया गूगल प्लेस्टोर ही नहीं है। यूजर
किसी भी एप की वेबसाइट पर जाकर फोन में
उसकी एपीके फाइल डाउनलोड कर सकते हैं। इससे
संबंधित एप खुद ब-खुद फोन में आ जाएगा। हालांकि
गूगल प्लेस्टोर के बजाय किसी वेबसाइट से
एप्लीकेशन डाउनलोड करने से पहले यूजर को फोन की
सेटिंग में कुछ बदलाव करने पड़ते हैं। इसके लिए सबसे पहले
'सेटिंग्स' में दिए 'प्राइवेसी' के विकल्प पर जाएं।
यहां नीचे की तरफ 'अननोन सोर्सेज' का विकल्प
दिखेगा। उस पर क्लिक करने पर अन्य वेबसाइट से एप
डाउनलोड करने की सुविधा हासिल हो जाएगी।
2. फोन हैंग होना, इंटरनेट धीमा चलना
फोन में जितने ज्यादा एप होते हैं, कैशे आइटम (cache
item) भी उतने अधिक बनते हैं। इन फाइलों की वजह से
स्मार्टफोन का प्रोसेसर तो धीमा हो ही
जाता है, साथ में इंटरनेट चलाने में भी दिक्कत पेश
आती है। फोन और इंटरनेट की स्पीड बेहतर बनाए रखने
के लिए 'कैशे आइटम' को समय-समय पर डिलीट करते
रहना चाहिए। इसके लिए फोन की 'सेटिंग्स' में दिए
'स्टोरेज' के विकल्प पर जाएं। उसमें ‘क्लीयर कैशे’ का
विकल्प नजर आएगा। उस पर क्लिक करके कैशे आइटम
को फोन से हटा दें। इसके अलावा अपने फोन की
इंटरनल मेमोरी को फुल न होने दें। इससे भी इंटरनेट की
स्पीड प्रभावित होती है। अतिरिक्त डाटा को
क्लाउड में सेव कर लें।
गैरजरूरी एप ऐसे बंद करें
स्मार्टफोन में मौजूद अधिकतर एप्लीकेशन उसके ऑन
होते ही चलने लगते हैं, जबकि इनमें से ज्यादातर एप
की प्रोसेसिंग गैरजरूरी होती है। इसका असर न
सिर्फ बैटरी पर पड़ता है, बल्कि फोन का काम भी
धीमा हो जाता है। गैरजरूरी एप को डिसेबल करने के
लिए फोन की 'सेटिंग्स' में जाएं और वहां मौजूद 'एप'
के विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद ऊपर दिए गए मेन्यू
के जरिए 'रनिंग' का विकल्प खोलें। इसमें देख लें कि
कौन-से एप काम के हैं और कौन-से गैरजरूरी। काम वाले
एप पर टिक कर दें और गैरजरूरी एप को डिसेबल।
3. नई फाइलों का सेव न होना
इंटरनल मेमोरी भरने पर अक्सर फोन में नई चीजें सहेजने में
दिक्कत आती है। हालांकि यूजर चाहें तो क्लाउड
स्टोरेज में ऑटो बैकअप बनाकर, कैशे आइटम को
डिलीट करके और कुछ एप व डाटा को एसडी कार्ड
में ट्रांसफर करके इंटरनल मेमोरी में जगह खाली रख
सकते हैं।
एसडी कार्ड में करें ट्रांसफर
फोन की इंटरनल मेमोरी भरने पर फोटो, वीडियो
और अन्य डाटा को एसडी कार्ड में ट्रांसफर किया
जा सकता है। इसके लिए फोन की 'सेटिंग्स' में दिए
'स्टोरेज' के विकल्प पर जाएं। यहां नीचे की तरफ 'मूव
मीडिया' का विकल्प नजर आएगा। उस पर क्लिक
करके फोन मेमोरी में मौजूद वीडियो, फोटो और
गानों को एसडी कार्ड में ट्रांसफर कर सकते हैं।
क्लाउड स्टोरेज में ऑटो सेव
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए भी फोन की
'सेटिंग्स' में जाएं। यहां 'बैकअप एंड रीसेट' का
विकल्प मिलेगा। इसे चुनने पर 'बैकअप माई डाटा' और
'ऑटोमेटिक रीस्टोर' के विकल्प नजर आएंगे। दोनों
पर क्लिक कर दें। फिर 'सेटिंग्स' पर लौटें। वहां गूगल
अकाउंट पर एप डाटा और फोटो, वीडियो व
ऑडियो फाइल का बैकअप बनाने का विकल्प
मिलेगा। इस पर क्लिक करने के बाद डाटा अपने आप
गूगल ड्राइव में सेव होने लगेगा।